100 लोगों की क्षमता वाले छात्रावास में हर सुबह नाश्ते में उपमा परोसा जाता था। उन 100 लोगों में से 80 लोग हर दिन शिकायत करते थे कि उपमा की जगह अलग-अलग चीजें बनानी चाहिए।
लेकिन, बाकी 20 लोग उपमा खाकर खुश थे। बाकी 80 लोग उपमा के अलावा कुछ और बनाना चाहते थे।
इस अराजक स्थिति में कुछ निर्णय पर पहुँचने के लिए छात्रावास वार्डन मतदान पद्धति का प्रस्ताव रखा गया।
इसके अनुसार, जिस टिफिन को सबसे अधिक वोट मिलेंगे, उस दिन वही टिफिन पकाया जाएगा।
उपमा चाहने वाले 20 छात्रों ने सही-सही अपना वोट दिया। शेष 80 लोगों ने अपना वोट इस प्रकार डाला।
18 - मसाला डोसा
16 - आलू परोटा और दही
14 - रोटी और सब्जियाँ
12 - ब्रेड और बटर
10 - नूडल्स
10 - इडली सांबर
तो, मतदान के नतीजों के अनुसार, उपमा को सबसे ज़्यादा वोट मिले, और फिर से वही हर दिन परोसा जाता है।
सबक: जब तक 80% आबादी स्वार्थी, विभाजित और बिखरी हुई है, तब तक 20% हम पर राज करेंगे।
यह एक मौन संदेश है।
समझदारी से वोट करें
Maths and Team work... Beautifully explained. pic.twitter.com/zIPFzWZjqK
— मोटिवेशनल पंक्तियाँ 𝕏 (@mpanktiya) April 26, 2024